Q31. प्राचीन ऐतिहासिक ग्रंथों में राजा अजातशत्रु को क्या उपनाम या उपाधि दी गई है?
कालाशोक
कुणिक
श्रेणिक
उग्रसेन
Q32. अजातशत्रु ने मगध के उत्तर में स्थित किस शक्तिशाली गणराज्य के खिलाफ 16 वर्षों तक लंबा युद्ध लड़ा था?
मल्ल
वज्जि (लिच्छवी)
कम्बोज
शाक्य
Q33. लिच्छवियों को हराने के लिए अजातशत्रु ने किन दो गुप्त सैन्य हथियारों (युद्ध इंजनों) का उपयोग किया था?
महाशिलाकंटक और रथमूसल
रथ और तोप
आग्नेयास्त्र और वज्र
गोफन और गोला
Q34. अजातशत्रु ने वैशाली के लिच्छवियों में आपसी फूट डालने के लिए अपने किस चतुर मंत्री को भेजा था?
सुनीध
वस्सकार
चाणक्य
राधागुप्त
Q35. अजातशत्रु ने किस शक्तिशाली पश्चिमी प्रतिद्वंद्वी के संभावित आक्रमण से बचने के लिए राजगृह की किलेबंदी करवाई थी?
गांधार के राजा
अवंती के प्रद्योत
कोसल के प्रसेनजित
वत्स के उदयन
Q36. प्रथम बौद्ध संगीति (483 ईसा पूर्व) का आयोजन राजगृह में किस हर्यंक वंशीय राजा के संरक्षण में हुआ था?
उदयन
बिम्बिसार
शिशुनाग
अजातशत्रु
Q37. अजातशत्रु के बाद कौन शासक बना जिसने मगध की नई राजधानी के रूप में पाटलिपुत्र की नींव रखी?
उदयन
अनुरुद्ध
नागदशक
मुण्ड
Q38. उदयन द्वारा स्थापित रणनीतिक राजधानी पाटलिपुत्र किन नदियों के संगम पर स्थित थी?
गंगा और घाघरा
सोन और गंडक
गंगा और यमुना
Ganga और सोन
Q39. हर्यंक वंश का अंतिम राजा कौन था, जिसे अयोग्य होने के कारण जनता द्वारा पदच्युत कर दिया गया था?
नागदशक
काकवर्ण
उदयन
मुण्ड
Q40. मगध के किस राजवंश को पुराणों और इतिहास में 'पितृहंता वंश' (पिता की हत्या करने वालों का वंश) कहा जाता है?
शिशुनाग वंश
मौर्य वंश
हर्यंक वंश
नंद वंश
Q41. किस अमात्य (मंत्री) ने हर्यंक वंश के अंतिम राजा को हटाकर शिशुनाग वंश की स्थापना की थी?
कालाशोक
महापद्मनंद
पुष्यमित्र
शिशुनाग
Q42. मगध और अवंती के बीच की 100 साल पुरानी दुश्मनी किस राजा द्वारा अवंती को जीतने के बाद हमेशा के लिए समाप्त हो गई?
बिम्बिसार
अजातशत्रु
कोसल
शिशुनाग
Q43. शिशुनाग ने उत्तरी सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए पाटलिपुत्र से हटाकर अस्थाई रूप से कहाँ राजधानी बनाई थी?
वैशाली
चम्पा
कौशाम्बी
राजगृह
Q44. शिशुनाग वंश के किस शासक ने राजधानी को स्थायी रूप से दोबारा पाटलिपुत्र स्थानांतरित किया और द्वितीय बौद्ध संगीति का आयोजन करवाया?
प्रमुद
कालाशोक (काकवर्ण)
नंदिवर्धन
शिशुनाग
Q45. 383 ईसा पूर्व में कालाशोक के शासनकाल में द्वितीय बौद्ध संगीति कहाँ आयोजित की गई थी?
कुंडलवन
वैशाली
राजगृह
पाटलिपुत्र