Q61. नंद वंश का अंतिम राजा कौन था, जो सिकंदर महान का समकालीन था?
कैवर्त
महापद्मनंद
धनानंद
पाण्डुक
Q62. यूनानी इतिहासकार शास्त्रीय लेखकों ने धनानंद को अपने ग्रन्थों में किस नाम से पुकारा है?
सैंड्रोकोट्टस
पोरस
अग्रमीज या जेन्द्रीमीज (Agrammes)
अमित्रघात
Q63. धनानंद के पास एक विशाल सेना थी। यूनानी स्रोतों के अनुसार उसकी सेना में कुल कितने पैदल सैनिक शामिल थे?
50,000
1 लाख
2 लाख (2,00,000)
5 लाख
Q64. यूनानी लेखक प्लूटार्क के अनुसार धनानंद की चतुरंगिणी सेना में कुल कितने युद्ध रथ शामिल थे?
Q65. धनानंद की विशाल सेना में हाथियों की संख्या कुल कितनी थी, जिससे डरकर सिकंदर की सेना आगे नहीं बढ़ी?
Q66. धनानंद जनता पर अत्यधिक कर लगाने के कारण बहुत अलोकप्रिय था। उसने चमड़े, गूंद और जंगलों की लकड़ी पर भी कौन सा कर लगाया था?
विविध अवैध उपकर
धन संचय कर
अत्याधिक भोग कर
कौतुक कर
Q67. कथासरित्सागर के अनुसार धनानंद ने गंगा नदी की तली में एक गुप्त चट्टान कटवाकर अपनी अकूत संपत्ति कहाँ छुपाई थी?
राजगृह में
कलिंग में
वैशाली में
पाटलिपुत्र में गंगा के नीचे (नंद गुहा)
Q68. धनानंद ने अपने दरबार में किस तक्षशिला के महान विद्वान ब्राह्मण का अपमान करके उन्हें बाहर निकाल दिया था?
राक्षस
कणाद
पाणिनी
चाणक्य (विष्णुगुप्त)
Q69. अपमानित होने के बाद चाणक्य ने धनानंद के समूल नाश की प्रतिज्ञा ली और किस युवा को अस्त्र-शस्त्र और कूटनीति की शिक्षा दी?
पुष्यमित्र
चंद्रगुप्त मौर्य
बिन्दुसार
अशोक
Q70. मुद्राराक्षस नाटक के अनुसार धनानंद का वह वफादार और योग्य अमात्य कौन था जो बाद में चंद्रगुप्त का मंत्री बना?
शकटाल
स्थूलभद्र
चाणक्य
राक्षस (Rshasa)
Q71. 326 ईसा पूर्व में जब सिकंदर ने पंजाब के व्यास नदी तक चढ़ाई की, तब मगध का शासक कौन था?
धनानंद
कालाशोक
महापद्मनंद
चंद्रगुप्त मौर्य
Q72. चंद्रगुप्त मौर्य और चाणक्य ने मिलकर किस वर्ष धनानंद को पराजित कर नंद वंश का अंत किया और मौर्य साम्राज्य की नींव रखी?
298 ईसा पूर्व
322 ईसा पूर्व
326 ईसा पूर्व
315 ईसा पूर्व
Q73. जैन धर्म के प्रसिद्ध विद्वान भद्रबाहु और स्थूलभद्र मगध के किस राजवंश के काल में सक्रिय थे?
हर्यंक वंश
शिशुनाग वंश
बृहद्रथ वंश
नंद वंश (और प्रारंभिक मौर्य काल)
Q74. नंद राजाओं का धार्मिक झुकाव मुख्य रूप से किस धर्म की ओर था और उनके कई मंत्री जैन मतावलम्बी थे?
जैन धर्म
भागवत धर्म
शैव धर्म
बौद्ध धर्म
Q75. नंद वंश के शासनकाल में पाटलिपुत्र शिक्षा का एक महान केंद्र बन गया था। अष्टाध्यायी के अनुसार उपवर्ष, वर्ष और कात्यायन जैसे विद्वान कहाँ शिक्षा पाते थे?
पाटलिपुत्र (Patliputra)
तक्षशिला
नालंदा
वल्लभी