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Practice 15 High-Yield Questions (Page 7 of 7)

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History - Post-Gupta period

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Q91. किस प्रसिद्ध चीनी यात्री ने नालंदा विश्वविद्यालय की जल घड़ी (Water Clock) और भिक्षुओं के कड़े अनुशासन समय सारिणी का विस्तृत वर्णन किया है?
अल-बरूनी
फाह्यान
इत्सिंग (I-Tsing)
ह्वेनसांग
Q92. हर्षवर्धन के काल में भू-राजस्व वसूलने वाले और रिकॉर्ड रखने वाले ग्राम स्तर के लेखाकार अधिकारी को क्या कहा जाता था?
करणिक (Karanika)
सामंत
सर्वगत
भोजक
Q93. गुप्तोत्तर काल के व्यापार में भारी गिरावट का मुख्य कारण क्या था जिसका वर्णन इतिहासकारों ने किया है?
रोमन साम्राज्य का पतन और समुद्री व्यापारिक मार्गों में मंदी / सामंतवाद का उदय
सिक्कों का अधिक चलन
कृषि का बढ़ना
जनसंख्या में कमी
Q94. गुप्तोत्तर काल में आंतरिक व्यापार को नियंत्रित करने वाले और माल ढोने वाले व्यापारियों के कारवां प्रमुख को क्या कहा जाता था?
श्रेष्ठि
निगमपाल
उपरिक
सार्थवाह (Sarthavaha)
Q95. पल्लव काल के सुप्रसिद्ध संत जो भगवान शिव के अनन्य भक्त थे और जिन्होंने भक्ति आंदोलन की अलख जगाई, उन्हें दक्षिण भारत में क्या कहा गया?
भागवत
वीरशैव
नायनार संत (Nayanars)
अलवार संत
Q96. दक्षिण भारत के वे प्रसिद्ध वैष्णव संत जो भगवान विष्णु की भक्ति गीतों के माध्यम से आराधना करते थे, क्या कहलाते थे?
नायनार
अलवार संत (Alvars)
सूफी
श्रमण
Q97. गुप्तोत्तर काल के अंत में उत्तर-पश्चिम भारत पर तुर्क आक्रांताओं के सफल हमलों के साथ भारत के प्राचीन इतिहास का अंत और किस नए मध्यकालीन युग की शुरुआत हुई?
महाजनपद काल
मराठा काल
राजपूत काल के अंत के बाद दिल्ली सल्तनत काल (Delhi Sultanate Era)
मुगल काल
Q98. हर्षवर्धन के दरबारी विद्वान जयसेन मुख्य रूप से किस विषय और विद्या के प्रकांड पंडित माने जाते थे जिनका सम्मान हर्ष स्वयं करते थे?
ज्योतिष शास्त्र
बौद्ध दर्शन और विभिन्न प्राकृतिक विज्ञान (Buddhism & Natural Sciences)
युद्ध कला
संगीत कला
Q99. ऐहोल अभिलेख की अंतिम पंक्तियों में कवि रविकीर्ति ने अपनी कविता की तुलना किस महान प्राचीन भारतीय महाकवि से की है?
कालिदास और भारवी (Kalidasa and Bharavi)
वाल्मीकि
बाणभट्ट
व्यास
Q100. गुप्तोत्तर काल की राजनीतिक संरचना की सबसे प्रमुख कमजोरी क्या थी जो केंद्रीय सत्ता को हमेशा अस्थिर बनाए रखती थी?
धन का अभाव
विदेशी व्यापार
महासामंतों और स्थानीय सामंतों (Feudal lords) का अत्यधिक हावी होना और उनकी सैन्य स्वतंत्रता
सैनिकों की कमी